Saturday, 18 January 2014

सुनंदा का पोस्‍टमॉर्टम हुआ, अब अंतिम संस्‍कार की तैयारी
केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा की मौत की खबर पर पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार सन्न रह गईं। उन्होंने तुरंत ट्विटर पर अफसोस जताते हुए लिखा, वॉट द हेल। सुनंदा। ओह माइ गॉड।'
 
उन्होंने लिखा, 'मैंने अभी-अभी इसे पढ़ा और मैं पूरी तरह से स्तब्ध रह गई। मेरे पास इस घटना के बारे में कहने के लिए शब्द नहीं हैं। रेस्ट इन पीस सुनंदा।'
 
गौरतलब है कि पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार और शशि थरूर के ट्वीट को लेकर सुनंदा परेशान थीं। बुधवार को ये ट्वीट सामने आए थे। बाद में शशि ने कहा था कि उनका अकाउंट हैक किया गया है। सुनंदा ने शशि और मेहर के खिलाफ कई ट्वीट किए थे। मेहर को आईएसआई एजेंट बताया था। 
 
मौत से दो दिन पहले सुनंदा ने मेहर तरार को आईएसआई एजेंट बताया था और आरोप लगाया था कि वह शशि थरूर के पीछे पड़ी हैं। इस मामले में उन्होंने अपने पति के रुख की भी कड़ी आलोचना की थी। हालांकि बाद में थरूर दंपती ने बयान जारी कर कहा था कि उनके बीच सब ठीक है। गुरुवार शाम को यह बयान जारी हुआ था और शुक्रवार शुक्रवार की शाम सुनंदा दिल्ली के एक होटल में मृत पाई गईं।

Sunday, 12 January 2014

जस्टिस स्‍वतंत्र कुमार ने मेरे ऊपर हाथ रखा और कंधा चूम लिया- पढ़ें एक इंटर्न का हलफनामा
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके गांगुली के बाद एक अन्य मशहूर पूर्व जज जस्टिस स्वतंत्र कुमार (तस्वीर में) के खिलाफ यौन शोषण के मामले में सनसनीखेज बातें सामने आई हैं। केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने यौन उत्पीड़न के आरोप को गंभीर बताया है। कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना है कि वह इन आरोपों की जांच कराएगा या नहीं? अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी खबर के मुताबिक वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जुरिडिकल साइंसेस (एनयूजेएस) कोलकाता की स्टूडेंट और जस्टिस स्वतंत्र कुमार के दफ्तर में मई, 2011 में इंटर्नशिप करने वाली युवा महिला वकील ने आरोप लगाया है कि जस्टिस कुमार ने अपना दायां हाथ उसके ऊपर रखा और उसके बाएं कंधे को चूम लिया। युवा महिला वकील का कहना है कि जस्टिस कुमार की हरकत से उसे बहुत बड़ा झटका लगा।
 
30 नवंबर, 2012 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस को भेजे  में स्वतंत्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट को हलफनामा मिले एक साल से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है, लेकिन इस बीच जस्टिस कुमार के खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और यह बात अब जाकर दुनिया के सामने आई है। यह घटना जब हुई थी तब जस्टिस स्वतंत्र कुमार जज  के रूप में काम कर रहे थे।  
 
युवा महिला वकील के आरोपों को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने झूठा बताया है। जस्टिस कुमार के मुताबिक उस महिला ने उनके साथ इंटर्नशिप नहीं की। कम से कम उन्हें यह याद नहीं है कि आरोप लगाने वाली महिला ने कभी उनके यहां इंटर्नशिप की हो। जस्टिस कुमार का कहना है कि उनके यहां कई लोग इंटर्नशिप करते हैं। 
 
इस मुद्दे पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा, 'जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने युवा महिला का यौन उत्पीड़न किया है। उसने मुझ पर भरोसा जताया है और हम इस केस को अंत तक ले जाएंगे। महिला आरोपी जज के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक याचिका दायर करना चाहती है।'